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Pulwama attack: Trade body calls for bandh on February 18

Bharat bandh news today: The trade body CAIT has called for a bandh on Monday to protest Pulwama attack, as per reports. All wholesale and retail markets in Delhi will remain closed on February 18.

The site of suicide bombing in Awantipora region of Pulwama district I Photo credit: IANS

The site of suicide bombing in Awantipora region of Pulwama district I Photo credit: IANS  |  Photo Credit: IANS

New Delhi: All commercial markets on February 18 will remain closed and there will be no business activity, the trade body CAIT spokesperson told the news agency ANI.

All wholesale and retail markets in Delhi will remain closed on Monday.

 

 

The trade body said many states such as Karnataka, Gujarat, some districts of Himachal Pradesh, Jharkhand Maharashtra, Kerala, Eastern UP and Chattisgarh, observed the bandh on Saturday after the trade body’s call.

CAIT president BC Bhartia and secretary general Praveen Khandelwal reportedly said the traders will observe a day-long fast and will pay tributes and candlelight marches across different states. They said the organisation is also planning to raise funds for the families of the martyred Central Reserve Police Force (CRPF) jawans.

The states that are set to participate in the bandh include Uttar Pradesh, Haryana, West Bengal, Punjab, Maharashtra, Madhya Pradesh, Rajasthan, Tamil Nadu, and Jammu and Kashmir among others.

Some of the most bustling markets in Delhi including Connaught Place, Chandni Chowk, Sadar Bazar, Karol Bagh, Rajouri Garden, Kamla Nagar, South Extension, Lajpat Nagar, Laxmi Nagar, Preet Vihar, Shahdara, Gandhi Nagar, Khari Baoli, Kashmiri Gate, and Chawri Bazar are expected to remain closed tomorrow (Monday).

On Thursday, a Jaish-e-Mohammed (JeM) terrorist rammed an explosive-laden Scorpio SUV into a bus plying with the 78-vehicle convoy on the Jammu-Srinagar highway. The SUV was being driven by a 19-year-old JeM terrorist Adil Ahmad Dar. The suicide attack snuffed the lives of 40 CRPF jawans.

An all-party meet chaired by Home Minister Rajnath Singh condemned the attack and adopted a resolution condoning the cross-border terrorism. India also upped diplomatic pressure on Pakistan to dismantle the terror camps in its territory that are used to target India. More than 40 nations condemned the attack. United States’ National Security Advisor John Bolton called his Indian counterpart Ajit Doval and said the US supports India’s right to self-defence from cross-border terrorism.

PM Modi condemns Pulwama blood bath, says sacrifice will not go in vain

Prime Minister Modi said that he has spoken to Home Minister Rajnath Singh to take stock of the situation in Kashmir.

Prime Minister Narendra Modi

Prime Minister Narendra Modi has condemned the Pulwama terror attack.

As toll in the devastating Pulwama terror attack continued to mount, Prime Minister Narendra Modi condemned the incident and said the entire nation should stand together with the families of the deceased.

In a series of tweets on Thursday evening, PM Modi said, “Attack on CRPF personnel in Pulwama is despicable. I strongly condemn this dastardly attack. The sacrifices of our brave security personnel shall not go in vain. The entire nation stands shoulder to shoulder with the families of the brave martyrs. May the injured recover quickly.”

Prime Minister Modi further added that he has spoken to Home Minister Rajnath Singh to take stock of the situation in Kashmir.

 

At least 30 CRPF jawans have died so far in the worst terror attack on the armed forces in the past few years. Several others, who were part of the 50-vehicle CRPF convoy, remain critical and are undergoing treatment at local hospitals.

An explosive-laden SUV rammed into the CRPF bus that was carrying about 40 jawans. 30 of them have died so far, with the others being critical.

More than 2,500 Central Reserve Police Force personnel, many of them returning from leave to rejoin duty in the Valley, were travelling in the convoy of 78 vehicles when they were ambushed on the Srinagar-Jammu highway at Latoomode in Awantipora.

Police said the terrorist driving the suicide vehicle was Adil Ahmad Dar from Kakapora in Pulwama who joined the Jaish-e-Mohammed in 2018.

भीड़ जुटा पाएंगी प्रियंका गांधी, लेकिन क्या वोट मिलेगा?

प्रियंका की एंट्री से पार्टी काडर में काफी उत्साह है। इससे साफ है कि वह भीड़ जुटाने में कामयाब होंगी, लेकिन क्या इस भीड़ को वोटों में तब्दील करने में उन्हें कामयाबी मिलेगी?

नई दिल्ली
प्रियंका गांधी की राजनीति में सीधे तौर पर एंट्री से कांग्रेस पार्टी में अचानक एक उत्साह आ गया है। लंबे समय तक कांग्रेस का गढ़ रहे पूर्वी यूपी में पार्टी को मजबूत करने की जिम्मेदारी प्रियंका को सौंपी गई है और उन्हें पार्टी का महासचिव बनाया गया है। प्रियंका की एंट्री से पार्टी काडर में काफी उत्साह है। माना जा रहा है कि वह भीड़ जुटाने में कामयाब होंगी, लेकिन क्या इस भीड़ को वोटों में तब्दील करने में उन्हें कामयाबी मिलेगी? यह जानने के लिए हमारे सहयोगी टाइम्स ऑफ इंडिया की नेहा लालचंदानी, बिनय सिंह, युसरा हुसैन और राजीव दीक्षित पूर्वी उत्तर प्रदेश के चार संसदीय क्षेत्रों का जायजा लिया:

लखनऊ से 191 किमी दूर टांडा में अहमद नदीम की पान की दुकान पर सुबह के समय आने वाले लोकसभा चुनावों पर चर्चा चल रही थी। आम चुनाव क्योंकि नजदीक हैं तो इस चर्चाओं का दौर चलना लाजमी है। तभी चुनावों के साथ चर्चा का बिंदु प्रियंका गांधी हो गई। एक स्थानीय नागरिक वली अहमद का मनना है कि ऐसे दौर में प्रियंका की एंट्री से कांग्रेस को कोई खास फर्क नहीं पड़ेगा। तभी उनकी बात काटते हुए उनके दोस्त राजेंद्र प्रसाद कहते हैं, ‘प्रियंका की एंट्री से कम से कम लोग कांग्रेस के बारे में बात तो करने लगे हैं। पार्टी पिछले चुनावों के मुकाबले काफी अच्छा प्रदर्शन करेगी।’

पढ़िए, राहुल ने दिया प्रियंका को बगल वाला कमरा

दरअसल अहमद का आकलन पिछले कुछ चुनावों में कांग्रेस के प्रदर्शन के आधार पर था। आंबेडकर नगर, 2009 में संसदीय क्षेत्र बना, (पहले अकबरपुर) एक दलित बाहुल्य लोकसभा सीट है, जहां से बीएसपी प्रमुख मायावती तीन बार सांसद रही हैं। कांग्रेस इस सीट से आखिरी बार 1984 में जीत थी।

राजेंद्र कुमार के मत से भी कई लोग सहमत थे। आंबेडकर नगर के इल्तिफतगंज के रहने वाले और उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमिटी के सदस्य रमेश मिश्रा कहते हैं, ‘प्रियंका पार्टी में चल रही दलाली पर रोक लगा सकती हैं। किसे टिकट मिले, यह सीनियर नेता तय करते हैं, लेकिन वे पार्टी में नेतृत्व की दूसरी पंक्ति तैयार ही नहीं होने देना चाहते हैं।’

कुछ पार्टी कार्यकर्ताओं का कहना है कि प्रियंका उन्हें उनकी दादी और देश की पूर्व पीएम इंदिरा गांधी की याद दिलाती हैं। अकबरपुर के पास तुलसीगंज चौराहे पर 70 साल की माता प्रसाद कहती हैं, ‘प्रियंका गांधी अपनी दादी की सच्ची वारिस हैं।’

थोड़ा पूर्व में आजमगढ़ की तरफ बढ़ें, यहां आशावाद काफी हद तक मौन है। एक संगीत टीचर रवींद्र मिश्रा का कहना है, ‘प्रियंका की लीडरशिप में, कांग्रेस का वोटशेयर बढ़ सकता है, लेकिन यह काफी नहीं होगा।’ वहीं कुछ लोगों का कहना था कि प्रियंका का जादू एसपी और बीएसपी के तिलिस्म को तोड़ने के लिए नाकाफी है।

वहीं कुछ लोग इसे लंबे समय के लिए काफी अच्छा मान रहे हैं। आजमगढ़ के शिबली कॉलेज के एक सीनियर रिसर्च फेलो मोहम्मत उमेर का कहना है, ‘यह सच है कि कांग्रेस अपना पुराना आधार खो चुकी है, लेकिन जड़े अभी बाकी हैं। लोगों ने देखा है कि हाल ही में पार्टी ने कई राज्यों में अच्छा प्रदर्शन किया है।’

एक और संसदीय क्षेत्र, जिस पर पूरे देश की नजर रहने वाली है, वह है गोरखपुर। सीएम योगी आदित्यनाथ यहां से कई बार एमपी रहे हैं। यह सीट कांग्रेस के पास साल 1952 से 1967 तक रही। इसके बाद जब गोरखनाथ मठ ने स्थानीय राजनीति में भागीदारी बढ़ाई तो स्थिति बदल गई। महंत दिग्विजयनाथ ने निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ा और जीत गए। इसके बाद महंत अवैद्यनाथ ने चुनाव लड़ना शुरू किया और हर बार जीत दर्ज की। इसके बाद 1971 में कांग्रेस के पास फिर यह सीट आई और 1989 तक कांग्रेस के पास रही। इसके बाद महंत अवैद्यनाथ ने हिंदू महासभा के टिकट पर फिर से चुनाव लड़ा और जीत दर्ज की।

आज गोरखपुर कांग्रेस यूनिट के पास स्थायी दफ्तर भी नहीं है। कार्यकर्ता जिला प्रमुख राकेश यादव के घर पर मिलते हैं। यादव ने बताया कि पार्टी के पास जिले में 50 साल तक ऑफिस था लेकिन एक प्रॉपर्टी विवाद की वजह से हमें वह खाली करना पड़ा। उन्होंने कहा, ‘हम नए ऑफिस के लिए जगह खोज रहे हैं।’

गोरखनाथ मंदिर के परिसर में दुकान चलाने वाले लोग, चाहे हिंदू हों या मुसलमान, प्रियंका की एंट्री को बदलाव का भ्रम बनाने के सिवा कुछ और नहीं मानते हैं। मंदिर परिसर में अपने पिता की 30 साल पुरानी दुकान चलाने वाले आदित्य का कहना है, ‘कांग्रेस के चुनावी भाग्य पर इसका कोई असर नहीं होगा। प्रियंका या किसी के भी लिए यहां पार्टी को संभालना बेहद मुश्किल होगा।’

पीएम मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में ज्यादातर लोगों का मानना है कि प्रियंका को राजनीति में लाने का फैसला बेहद अच्छा है, लेकिन कांग्रेस ने इसमें देर कर दी है। अब एसपी-बीएसपी गठबंधन के बाद इस ऐलान का कोई फायदा नहीं होगा।

निषाद समुदाय से ताल्लुक रखने वाले प्रमोद माझी का कहना है, ‘देरी के बावजूद, कांग्रेस ने एक सही फैसला लिया है। यह फैसला पार्टी को बेहतर स्थिति में लाने में मदद करेगा। अब हम प्रियंका को उनकी दादी की तरह पूरी तरह ऐक्शन में देखना चाहते हैं।’

वहीं ग्रामीण वोटर इस फैसले को लेकर ज्यादा आशावादी नहीं हैं। मिलकीचाक गांव के रितेश्वरी नरेन कहते हैं, ‘यदि कांग्रेस एसपी-बीएसपी गठबंधन से पहले यह फैसला करती तो तस्वीर कुछ और हो सकती थी। अब किसी को भी प्रियंका से किसी चमत्कार की उम्मीद नहीं करनी चाहिए। उन्हें संगठन को ठीक करने में ही काफी समय लग जाएगा।’

 

आपदा / कश्मीर, हिमाचल और दिल्ली-एनसीआर में भूकंप के झटके

Earthquake tremors in Jammu and Kashmir
  • कश्मीर में 5.6 रिक्टर दर्ज की गई भूकंप की तीव्रता, पाकिस्तान के कुछ हिस्सों में भी झटके महसूस किए गए
  • भूकंप का केंद्र श्रीनगर से 118 किलोमीटर की दूरी पर उत्तर पश्चिम की ओर था

दिल्ली. कश्मीर, हिमाचल सहित दिल्ली-एनसीआर में मंगलवार रात भूकंप के झटके महसूस किए गए। भूकंप की निगरानी करने वाली एक अंतरराष्ट्रीय एजेंसी ईएमएससी के अनुसार भूकंप की तीव्रता 5.6 रही। एजेंसी के मुताबिक, कश्मीर और उसके आसपास भूकंप के झटके आए। दिल्ली-एनसीआर में लोगों ने 10 बजकर 17 मिनट पर इस भूकंप के कंपन महसूस किए।

भूकंप का केंद्र जमीन के 40 किमी नीचे उत्तर पश्चिम कश्मीर में श्रीनगर से 118 किलोमीटर दूर बताया गया है। भूकंप से फिलहाल किसी तरह के जानमाल के नुकसान की खबर नहीं है। दहशत के कारण लोग घरों के बाहर आ गए। हिमाचल प्रदेश के चंबा और मंडी में अलग-अलग समय पर भूकंप के झटके महसूस किए गए।

 

शिमला भूकंप केंद्र ने चंबा में 3.51 मिनट पर आए भूकंप को 3.2 और तीन घंटे 40 मिनट बाद मंडी में आए दूसरे झटके को 3.8 तीव्रा का बताया है। पाकिस्तान के इस्लामाबाद, लाहौर और रावलपिंडी में भी भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं। चार दिन पहले भी शनिवार शाम में दिल्ली-एनसीआर में भूकंप के झटके महसूस किए गए थे

ममता बोलीं- जान देने को तैयार हूं, लेकिन समझौता नहीं करूंगी, धरना जारी

Mamata Banerjee is holding her Save the Constitution dharna, will address budget session from here

चिटफंड घोटाले की जांच के सिलसिले में कोलकाता के पुलिस आयुक्त से सीबीआई की पूछताछ की कोशिशों के विरोध में धरने पर बैठी मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा है कि देश व संविधान की रक्षा तक उनका सत्याग्रह जारी रहेगा।

अपने विरोध को गैर-राजनीतिक बताते हुए दावा किया कि देश के विभिन्न हिस्सों से उन्हें समर्थन मिल रहा है। तृणमूल कांग्रेस अध्यक्ष ने पार्टी नेताओं व कार्यकर्ताओं से शांतिपूर्ण विरोध सुनिश्चित करने को कहा है। पार्टी ने सोमवार को पूरे राज्य में रैलियां निकाल कर विरोध जताया।

ममता ने रविवार रात खाना नहीं खाया और पूरी रात वहीं जमी रहीं। धरने के लिए रातोंरात मंच तैयार किया गया। बड़ी संख्या में तृणमूल नेता व समर्थक रात से ही मौके पर पहुंचने लगेे। सोमवार को पूरे दिन सिलसिला जारी रहा। धरने में पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी पर मुख्यमंत्री ने कहा, यह सरकार का कार्यक्रम है, इसलिए अधिकारी मौजूद हैं।

गौरतलब है कि कोलकाता में रोजवैली और शारदा चिटफंड घोटाले की जांच से जुड़ी फाइलें गायब होने को लेकर कमिश्नर राजीव कुमार से पूछताछ करने पहुंचे 15 सीबीआई अधिकारियों और स्थानीय पुलिस के बीच रविवार को टकराव हुआ। कोलकाता पुलिस ने सीबीआई के सभी अधिकारियों को हिरासत में लिया। इसके बाद सीएम ममता बनर्जी भी अपने अधिकारी के पक्ष में धर्मतल्ला इलाके में धरने पर बैठ गईं।

मुख्यमंत्री, प्रदेश के डीजीपी और मेयर भी कमिश्नर के घर पहुंचे। इस पूरे घटनाक्रम के बाद ममता बनर्जी ने केंद्र की मोदी सरकार के खिलाफ जंग का एलान कर दिया। ममता बनर्जी का केंद्र सरकार के खिलाफ धरना जारी है। चालीस करोड़ रुपये के शारदा चिट-फंड घोटाले में रविवार को कोलकाता पुलिस और सीबीआई में तनातनी के बाद कांग्रेस सहित पूरा विपक्ष मोदी सरकार के खिलाफ लामबंद हो गया। इन सबने केंद्र सरकार को जमकर कोसा।

तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी रविवार रात को आठ बजे से ही केंद्र सरकार के खिलाफ धरने पर बैठी हुई हैं। यह धरना उन्होंने राज्य के पुलिस कमिश्नर राजीव कुमार को चिटफंड घोटाले के आरोप में गिरफ्तार करने के लिए आए सीबीआई अधिकारियों के विरोध में बैठी हैं। उनका कहना है कि यह संकट खत्म न होने तक उनका धरना जारी रहेगा।

क्या हैं कानूनी पहलू

संविधान विशेषज्ञों का कहना है कि सीबीआई के पास बंगाल में जांच करने का अधिकार नहीं है। 16 नवंबर 2016 को बंगाल सरकार ने दिल्ली पुलिस एस्टेब्लिशमेंट एक्ट के तहत सीबीआई को दी गई मान्यता और सहमित को वापस ले लिया था। जिसके बाद से जांच एजेंसी बिना रोक-टोक राज्य में कोई कार्य नहीं कर सकती है। अब उसे कार्रवाई करने के लिए राज्य सरकार की अनुमति चाहिए।

सीबीआई के पूर्व निदेशक एपी सिंह का कहना है कि सीबीआई अधिकारियों को हिरासत में लेना गलत है। मेरा मानना है कि इस तरह की कार्रवाई के लिए सीबीआई को राज्य सरकार से बात करनी चाहिए थी। यदि सरकार अनुमति नहीं देती तो सीबीआई को किसी भी तरह के टकराव से बचते हुए कोर्ट के पास जाना चाहिए था।

यह हैं आगे के कानूनी विकल्प

सुप्रीम कोर्ट के एक वकील ने बताया कि केंद्र और राज्य की एजेंसियां एक-दूसरे के खिलाफ खड़ी हैं। यह एक संवैधानिक संकट है। ऐसे में कलकत्ता हाईकोर्ट चाहे तो संविधान के अनुच्छेद 226 के तहत स्वत: संज्ञान ले सकता है। दोनों पक्षों के अधिकारों को हाईकोर्ट तय करेगा।

संविधान विशेषज्ञ के मुताबिक यदि राज्य सरकार सीबीआई को रोकती है तो इससे कानून व्यवस्था बिगड़ जाएगी। ऐसे में केंद्र सरकार संविधान के अनुच्छेद 356 के तहत राज्य सरकार के शासन को खत्म करके वहां राष्ट्रपति शासन लागू कर सकता है।

क्या है चिटफंड घोटाला

पश्चिम बंगाल से जुड़े शारदा ग्रुप ने 2013 में गलत तरीके से निवेशकों से पैसे जुटाए और उन्हें वापस नहीं किया। शारदा ग्रुप पर करीब 10 लाख निवेशकों से 2500 करोड़ रुपये से ज्यादा की ठगी करने का अनुमान है।

वहीं रोजवैली के अध्यक्ष गौतम कुंडु पर आरोप है कि उन्होंने चिटफंड योजनाओं के जरिये छोटे निवेशकों के साथ करीब 17,000 करोड़ रुपये की ठगी की है। माना जाता है कि इन दोनों कंपनियों के तार सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस से भी जुड़े हुए हैं।

हाई प्रोफाइल हस्तियों से जुड़े हैं दोनों मामले 

दोनों चिटफंड घोटालों की जांच सीबीआई कर रही है। इस मामले में 11 जनवरी को सीबीआई ने पूर्व वित्त मंत्री पी. चिदंबरम की पत्नी नलिनी चिदंबरम के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया। शारदा घोटाले में संलिप्तता के चलते तृणमूल नेता कुणाल घोष भी गिरफ्तार किए जा चुके हैं।

रोज वैली चिटफंड घोटाले में शामिल होने के आरोप में टीएमसी सांसद सुदीप बंदोपाध्याय और तापस पॉल को सीबीआई गिरफ्तार कर चुकी है। शारदा के चेयरमैन सुदीप्त सेन हैं। सेन पर आरोप है कि उन्होंने कथित फ्रॉड करके फंड का गलत इस्तेमाल किया।

ममता vs CBI: लोकसभा में विपक्ष का हंगामा, केंद्र ने बंगाल पुलिस की कार्रवाई को बताया दुर्भाग्यपूर्ण

पश्चिम बंगाल में रविवार को सीबीआई अफसरों की टीम कोलकाता पुलिस कमिश्नर राजीव कुमार के घर पहुंची थी। इस मामले पर आज लोकसभा में जमकर हंगामा हुआ। विपक्ष द्वारा इस मुद्दे को उठाया गया और फिर केंद्र सरकार की तरफ से गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने सफाई दी।

हाइलाइट्स

  • कोलकाता पुलिस कमिश्नर के घर सीबीआई पहुंचने का लोकसभा में विरोध
  • विपक्ष ने केंद्र सरकार पर लगाया सरकारी संस्थाओं का दुरुपयोग करने का आरोप
  • केंद्र की तरफ से राजनाथ सिंह ने लोकसभा में विपक्षी पार्टियों को दिया जवाब
  • राजनाथ सिंह ने कहा कि राजीव कुमार सीबीआई जांच में सहयोग नहीं कर रहे थे
नई दिल्ली
पश्चिम बंगाल में रविवार को सीबीआई अफसरों के कोलकाता पुलिस कमिश्नर राजीव कुमार के घर पहुंचने का मामला सोमवार को लोकसभा में भी छाया रहा। सीबीआई की कार्रवाई का विरोध करते हुए विपक्ष ने इसपर जमकर हंगामा किया, वहीं केंद्र सरकार की तरफ से गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने सफाई दी। राजनाथ ने कहा कि सीबीआई के अधिकारियों के खिलाफ पहली बार इस तरह की घटना हुई और उनको हिरासत में लिया गया।

सीमांचल एक्सप्रेस: मरने वालों में 3 खगड़िया के और 3 पं. बंगाल के, पढ़ें पूरी लिस्ट

seemanchal express derails at vaishali

दिल्ली आ रही सीमांचल एक्सप्रेस के 11 डिब्बे बिहार के वैशाली जिले में पटरी से उतर गए, जिससे सात लोगों की मौत हो गई। हादसा रविवार तड़के तीन बजकर 58 मिनट पर सहदेई बुजुर्ग में हुआ। पूर्व मध्य रेलवे के प्रवक्ता राजेश कुमार ने बताया कि सामान्य श्रेणी का एक डिब्बा, वातानुकुलित श्रेणी का एक डिब्बा बी3, शयनयान श्रेणी के डिब्बे एस8, एस9, एस10 और चार अन्य डिब्बे पटरी से उतर गए। रेलवे ने कहा कि ट्रेन हादसे में छह लोगों की मौत हुई है। अधिकारियों ने बताया कि हादसे के समय ‘12487 जोगबनी-आनंद विहार टर्मिनल सीमांचल एक्सप्रेस तेज गति से चल रही थी। सोनपुर और बरौनी से डॉक्टरों का दल घटनास्थल पर पहुंच गया है। राहत एवं बचाव कार्य के लिए घटनास्थल पर राहत ट्रेन रवाना की गई है। रेलवे ने सोनपुर 06158221645, हाजीपुर 06224272230 और बरौनी 06279232222 के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं।

सीमांचल एक्स हादसे में 7 की मौत, मृतकों के परिवार को 5 लाख का मुआवजा

हादसे में मारे गए लोग-

1- सुदर्शन दास(60) पिता स्वर्गीय कमलेश्वरी यादव

पता- बैला थाना वोल्दौर जिला खगड़िया(बिहार)

2- ईच्चा दैवी(60)

पता- बलूआही मोहल्ला, खगड़िया (बिहार)

3- सायदा खातून(45) पिता भेदु

पता- नूरी नगर कोना कमात, थाना- जिला उतरी नाड़ा (पश्चिम बंगाल)

4- अंसार आलम(21) पिता भारु आलम

पता- नूरी नगर कोना कामत, थाना- चकलिया, जिला- उत्तरी दनिजापुर (पश्चिम बंगाल)

5- इन्द्रा देवी(65) पति योगेंद्र यादव

पता- बलूआही मोहल्ला खगड़िया (बिहार)

6- समसुदीन आलम पिता स्व. जलालूदीन आलम
पता- नूरी नगर कोना कमात, थाना – चकलिया, जिला – उत्तर दीनाजपुर (प. बंगाल)

एक मृतक की अभी पहचान नहीं हो पाई है।

Ind vs NZ Score/ पांचवे वनडे में टीम इंडिया ने न्यूजीलैंड को 35 रन से हराया, पांड्या का शानदार प्रदर्शन- भारत का सीरीज पर 4-1 से कब्जा

NZ vs Ind Live Score/ भारत ने न्यूजीलैंड को वनडे सीरीज में 4-1 से शिकस्त दी।

NNZ vs Ind live

NZ vs Ind Score: New Zealand vs India 5th ODI Match Score / भारत ने न्यूजीलैंड को पांचवे और आखिरी वनडे में 35 रन से हराकर सीरीज पर 4-1 से कब्जा कर लिया है। टॉस जीतकर पहले बैटिंग करने का फैसला टीम इंडिया के लिए सही साबित नहीं हुआ था। 18 रन पर 4 विकेट खोने के बाद रायडू और शंकर ने टीम को सहारा दिया। बाद में केदार जाधव और हार्दिक पांड्या ने तूफानी बल्लेबाजी करते हुए स्कोर 252 रन तक पहुंचाया। न्यूजीलैंड की शुरुआत भी कुछ खास नहीं रही। 35 रन पर तीन विकेट गंवाने के बाद विलियम्सन और लैथम ने पारी को संभाला। बाद में जिमी नीशाम ने भी कोशिश की लेकिन वो टीम को जीत नहीं दिला सके। भारत की तरफ से शमी और पांड्या ने 2-2 जबकि चहल ने 3 विकेट लिए।

Budget 2019 Highlights: इन 40 बिंदुओं में छिपा है मोदी सरकार के अंतरिम बजट का पूरा सार

मोदी सरकार ने किसानों और मध्यम वर्गीय आय वालों को लुभाने की कोशिश की है। इन बिंदुओं में समझिए मोदी सरकार के अंतरिम बजट का पूरा सार, बिल्कुल आसान भाषा में…

 

Budget 2019 Highlights in Hindi: The summary of the interim budget of the Modi Government is hidden in these 20 issues | Budget 2019 Highlights: इन 40 बिंदुओं में छिपा है मोदी सरकार के अंतरिम बजट का पूरा सार
Budget 2019 Highlights: इन 40 बिंदुओं में छिपा है मोदी सरकार के अंतरिम बजट का पूरा सार

मोदी सरकार का बहुप्रतीक्षित अंतरिम बजट शुक्रवार को पेश हो गया। दो महीने बाद ही आम चुनाव होने वाले हैं, इसलिए जाहिर है कि इस अंतरिम बजट के माध्यम से सरकार द्वारा जनता को हरसंभव तरीके से लुभाने की कोशिश करने की उम्मीद थी। मोदी सरकार ने किसानों और मध्यम वर्गीय आय वालों को लुभाने की कोशिश की है। इन 40 बिंदुओं में समझिए मोदी सरकार के अंतरिम बजट का पूरा सार, बिल्कुल आसान भाषा में…

1. पांच लाख रुपये तक की आय पर कर में पूरी छूट; अधिक मानक कटौती का प्रस्ताव।

2. लघु और मध्­यम वर्ग के करीब 3 करोड़ करदाताओं को 23,000 करोड़ से अधिक की राहत।

3. छोटे एवं सीमांत किसानों को सालाना 6,000 रुपए की न्यूनतम सहायता उपलब्ध कराने के लिए प्रधानमंत्री किसान सम्मान योजना।

4. 15,000 रुपए तक की मासिक आय वाले कामगारों के लिए प्रधानमंत्री श्रम-योगी मानधन वृहद पेंशन योजना।

5. बैंक और डाकघर के बचत खातों में जमा पर मिलने वाले ब्­याज पर टीडीएस की सीमा अब 40,000 रुपए।

6. कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ईएसआई) नियम के तहत पात्रता 15,000 से बढ़ाकर 21,000 रुपए प्रतिमाह वेतन।

7. सभी किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड दिया जाएगा।

8. श्रमिकों की न्यूनतम मासिक पेंशन 1,000 रुपए तक की गई।

9. पशुपालन के लिए किसानों को कर्ज पर 2 प्रतिशत ब्याज सहायता।

10. मार्च 2019 तक सभी घरों को मिल जाएगी बिजली।

11. अगले पांच वर्ष में एक लाख गांव बनेंगे डिजिटल।

12. सरकार पेट्रोलियम और गैस क्षेत्र में खोज के संबंध में अंतर मंत्रालय समिति की गई अनेक सिफारिशों को लागू करेगी।

13. रक्षा बजट बढ़कर 3,05,296 करोड़ रुपए।

14. रेलवे के लिए 64,587 करोड़ रुपए आवंटित।

15. बड़ी लाइनों वाले नेटवर्क पर सभी मानवरहित लेवल क्रॉसिंग समाप्त किए गए।

16. महिला सुरक्षा और सशक्तिकरण मिशन के लिए 1,330 करोड़ रुपए।

17. सरकार ने सूक्ष्म लघु एवं मध्यम उद्यमों को सशक्त बनाने के लिए कई उपाय किए।

18. नीति आयोग के तहत समिति का गठन किया जाएगा, जो गैर-अधिसूचित, घुमंतू और अर्ध-घुमंतू को औपचारिक रूप से वर्गीकृत करेगी।

19. सभी केन्द्रीय सार्वजनिक उपक्रमों तक जीईएम प्लेटफॉर्म का विस्तार।

20. सरकारी उपक्रमों द्वारा महिलाओं के स्वामित्व वाले लघु एवं मध्यम उद्यमों से निर्धारित अनुपात में सामग्रियों की खरीद की जाएगी।

21. ‘मुद्रा योजना’ के तहत 7,23,000 करोड़ रुपए के 15.56 करोड़ ऋण का वितरण हुआ।

22. कृत्रिम मेधा (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) पर राष्­ट्रीय कार्यक्रम शुरू करने की परिकल्पना।

23. राजकोषीय घाटा कम होकर 3.4 प्रतिशत पर; औसत मुद्रास्फीति 4.6 प्रतिशत।

24. पांच वर्षों में एफडीआई 239 अरब डॉलर, बैंकों को तीन लाख करोड़ रुपए ऋण का भुगतान प्राप्त हुआ।

25. इस वर्ष कर वसूली 2013-14 के 6.38 लाख करोड़ रुपए से बढ़कर लगभग 12 लाख करोड़ रुपए।

26. कर आधार में 80 प्रतिशत वृद्धि; रिटर्न के दाखिले की संख्या 3.79 करोड़ से बढ़कर 6.85 करोड़ हुई।

27. ‘मेक इन इंडिया’ पहल को बढ़ावा देने के लिए सीमा शुल्­क और प्रक्रियाओं को युक्तिसंगत बनाया जाएगा।

28. निर्यात तंत्र में सुधार के लिए आरएफआईडी प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल।

29. काले धन के खिलाफ उठाए गए कदमों से 1.30 लाख करोड़ रुपये की अघोषित आय का पता चला।

30. 6,900 करोड़ रुपए की बेनामी परिसं­पत्तियों और 1,600 करोड़ रुपए की विदेशी परिसं­पत्तियों की जब्ती।

31. वित्­त वर्ष 2017-18 में प्रत्यक्ष कर संग्रहण में 18 प्रतिशत की वृद्धि, नोटबंदी के कारण पहली बार 1.06 करोड़ लोगों ने आयकर दाखिल किया।

32. बैंकों के राष्ट्रीयकरण की आधी सदी के बाद जेएएम-डीबीटी ने दूरगामी परिवर्तन किए हैं।

33. पिछले पांच वर्षों के दौरान जन धन योजना के तहत 34 करोड़ नऐ बैंक खाते खोले गए।

34. वर्ष 2019-20 में पूर्वोत्तर क्षेत्रों के लिए अवसंरचना आवंटन 21 प्रतिशत बढ़ाकर 58,166 करोड़ रुपए ।

35. विदेशी फिल्म निर्माताओं की तरह भारतीय फिल्म निर्माताओं को भी एकल खिड़की मंजूरी।

36. पायरेसी को रोकने के लिए सिनेमेटोग्राफ अधिनियम को संशोधित किया जाएगा।

37. राष्ट्रीय शिक्षा योजना के लिए आवंटन 32,334 करोड़ रुपए से बढ़कर 38,570 करोड़ रुपए।

38. सरकारी उद्यमों की कुल खरीद में छोटे उद्यमों से आपूर्ति को बढ़ाकर 25 प्रतिशत।

39. ‘वन रैंक, वन पेंशन’ के तहत मौजूदा सरकार ने 35,000 करोड़ रुपए आवंटित किए।

40. सरकार पेट्रोलियम और गैस क्षेत्र में खोज के संबंध में अंतर मंत्रालय समिति की गई अनेक सिफारिशों को लागू करेगी।

मोदी सरकार ने बजट से पहले गृहिणियों को दिया तोहफा, LPG सिलेंडर के दाम घटाए

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मोदी सरकार(Modi Government) ने बजट(budget) से पहले गृहिणियों को तोहफा दिया है। एलपीजी सिलेंडर(LPG cylinder) के दाम घट गए हैं। मोदी सरकार ने 1 जनवरी 2019 को देशभर में एलपीजी के दाम कम किए थे। तेल कंपनी इंडियन ऑयल के मुताबिक अब सब्सिडी वाले एलपीजी सिलेंडर की कीमत 5.91 रुपए प्रति सिलेंडर और गैर-सब्सिडी वाले सिलेंडर की कीमत 120.50 रुपए प्रति सिलेंडर कम हो गई है। नई कीमतें आज रात 12 बजे से लागू हो जाएंगी।

एक महीने के अंदर सिलेंडर के दाम दूसरी बार घटाए गए हैं। इससे पहले 1 दिसंबर को सब्सिडी वाले एलपीजी सिलेंडर की कीमत 6.52 रुपए प्रति सिलेंडर और गैर-सब्सिडी वाले सिलेंडर की कीमत 133 रुपए प्रति सिलेंडर कम की गई थी। हालांकि, जून 2018 से लगातार 6 बार एलपीजी के दाम बढ़ाए गए थे।

इस कटौती के बाद अब 14.2 किलोग्राम वाले सब्सिडाइज्ड एलपीजी सिलेंडर की कीमत राजधानी दिल्ली में 494.99 रुपए हो गई है। इसकी पुरानी कीमत 500.90 रुपए थी। वहीं 14.2 किलोग्राम का गैर-सब्सिडी एलपीजी सिलेंडर दिल्ली में 689 रुपए में मिलेगा। इसकी पुरानी कीमत 809.50 रुपए थी।